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नशा मुक्त राजस्थान के लिए निरोगी राजस्थान के साथ विश्व तंबाकू निषेध दिवस

लेखक
राजन चौधरी
स्वतंत्र पत्रकार

विश्व तंबाकू  निषेध दिवस पर गत वर्ष की भांति राजस्थान सरकार निरोगी राजस्थान के तहत इस वर्ष भी तम्बाकू निषेध हेतु विशेष घोषणा कर सकती है। गत वर्ष हुक्का बार व ई सिगरेट पर पूर्णतया बैन लगाया गया था। सरकार के इस निर्णय से युवा पीढ़ी को हुक्का बार में मिलने वाले अनेक फ्लेवर वाले नशे पर रोक लगी वही खुली मिलने वाली ई सिगरेट से भी छुटकारा मिल पाया। कोरोना संक्रमण की महामारी के दौरान राज्य में तंबाकू उत्पादों पर काफी दिन बैन रहने के दौरान अनेक लोगों ने खैनी, गुटका, पान मसाला व धुम्रपान छोड़ दिया वही अनेक पांच से दस गुणा राशि में भी तंबाकू खरीद कर उपभोग करते रहे। राज्य सरकार ने शराब की तरह तम्बाकू, जर्दा, पान मसाला को भी बिक्री के लिए खोला तो उपभोगकर्ताओं की खुशी का ठिकाना ना रहा परंतु इनके घरवाले चाहते थे कि सरकार लगातार तंबाकू जनित उत्पादों पर बैन लगाकर ही रखे।

तंबाकू उत्पादों का उपभोग युवा 11 से 16 वर्ष की उम्र में शुरू कर देते है इस उम्र में युवा नशे की पहली सीढ़ी पर कदम रखता है। नशे की दिशा में युवाओं को बढ़ाने में खैनी, गुटका, पान मसाला, सिगरेट, बीडी व अन्य सबसे बड़ा अभिशाप है। इन्ही के कारण नशे की जकड़ में युवा फसता जाता है और अन्य नशे भी करने लगता है।

राजस्थान सरकार ने निरोगी राजस्थान के तहत नशा मुक्त राजस्थान बनाने की घोषणा सत्ता में आने से पहले व बाद में की थी। निरोगी राज्य बनाने हेतु स्वास्थ्य विभाग ने प्लानिंग भी बना रखी है परंतु सरकार द्वारा राजस्व के लिए शराब व तम्बाकू की बिक्री पर बैन नही लगा पा रही है। राजस्व के साथ-साथ शराब व तंबाकू के निर्माता बड़ी अप्रोच वाले भी है। जिसके कारण भी लॉक डाउन में इनका बैन सबसे पहले हटाया गया। सरकार को युवाओं व आमजन से राजस्व वसुली ही प्राथमिकता है जबकि इनका स्वास्थ्य प्राथमिकता होनी चाहिए।

कोरोना काल के लॉक डाउन में तंबाकू उत्पादों को जितनी कालाबजारी से बेचा गया है उतना अभी भी जारी है। तंबाकू निषेध दिवस पर सरकार से अपेक्षा कितनी पूरी होगी समय ही बतायेगा। तंबाकू उत्पादों से राज्य सरकार को करीब 350-400 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त होता है जबकि राज्य के 56 निर्माताओं के उत्पादन व बाजार की खपत के अनुसार करीब 1500 करोड़ रूपयों से अधिक का राजस्व प्राप्त होना चाहिए। राज्य सरकार जिस तरह शराब की बिक्री करती है उसी तर्ज पर तंबाकू उत्पादों की भी बिक्री प्रारम्भ करे तो सरकार को करीब 1500 करोड़ का राजस्व प्राप्त हो सकता है। तंबाकू मुक्त राजस्थान बनाने के लिए सरकार को युवाओं की तंबाकू खरीदने की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष कर देनी चाहिए। निरोगी राजस्थान के तहत सरकार 2035 के बाद तंबाकू मुक्त जनरेशन का निर्णय लेती है तो युवाओं को नशे की दुनियां में बढऩे से रोक कर राज्य के विकास में नई दिशा दी जा सकती है।  

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