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विधायक भरतसिंह ने मुख्यमंत्री गहलोत को लिखा पत्र कहां राज्य में भ्रष्टाचार की पतंग बहुत ही ऊंची उड़ रही है इसे न तो देशी व ना ही चाइनीज मांझा काट सकता

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जयपुर। कांग्रेस के कोटा (सांगोद) विधायक भरतसिंह कुन्दनपुर ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर भ्रष्टाचार में पकड़े जाने अधिकारियों व कर्मचारियों को तत्काल नौकरी से बर्खास्त कर गृह क्षेत्र के सार्वजनिक चौराहे व सचिवालय में पोस्टर लगाने की सलाह दी है।
विधायक भरत सिंह ने पत्र में लिखा है कि राजस्थान में गत दिनों में पकड़े गये दो उपखंड अधिकारी पुष्कर मित्तल व पिंकी मीणा को पांच-पांच लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। सिंह ने लिखा है कि भ्रष्टाचार की पतंग बहुत ही उच्ची उड़ रही है। इसे न तो देशी व ना ही चाइनीज मांझा काट सकता है। बारां के तात्कालीक कलेक्टर इन्द्रजीतसिहं राव भी अभी जेल में ही है। उन्होनें पत्र में लिखा है कि कोरोना की भी वैक्सीन देश में मौजूद है लेकिन भ्रष्टाचार रोकने की कोई भी वैक्सीन नही है। उन्होनें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सलाह दी है कि भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों को गिरफ्तार करते ही बर्खास्त कर देना चाहिए। उन्होनें बेबाक टिप्पणी करते हुए लिखा है कि कोटा में एसपी रहते हुए आईपीएस सत्यवीर सिंह को एसीबी ने रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था। जिसका कोर्ट में केस विचाराधीन है जिसे भाजपा शासन काल में एसपी से डीआईजी के पद से नवाजा, वही कांग्रेस के राज में उसे आईजी बना दिया गया है। उसके बाद उदयपुर संभाग की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है। यह एक शर्मनाक घटना है। भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार आईएस, आईपीएस, आरएएस व अन्य अधिकरियों व कर्मचारियों के ना ही कोई शर्म है तथा ना ही डर है। भरतसिंह ने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि सरकार भ्रष्टाचार में पकड़े गये अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कोर्ट में अभियोजनों को ही स्वीकृती जारी नही करती है। सरकार भ्रष्टाचारियों को माफ कर पुन: डयूटी पर लगा देती है। वर्तमान कांग्रेस विधायक अनेक बार बेबाक टिप्पणी सरकार पर करते रहते है।

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