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कोरोना का खौफ आर्थिक मंदी के दौर का संकेत:डॉ.भरत मिश्र प्राची

डॉ.भरत मिश्र प्राची
स्वतंत्र पत्रकार

आजकल कोरोना का खौफ विश्व स्तर पर समाया हुआ है। इसकी शुरूआत चीन से हुई जो आज विश्व भर में अपना पग पसारता जा रहा है। विश्व के कई विकासशील देश चीन इटली, ईरान, स्पेन,अमेरिका, भारत सहित 160 से अधिक देश इसकी चपेट में आ चुके है। जहां 8हजार के आसपास कोरोना के नेवाले बन चुके है। यह एक बायोलॉजिकल वार का रूप ले चुका है। जिसपर यदि सही एवं समय से नियंत्रण नहीं हुआ तो यह एक महामारी का रूप धारण कर सकता है। जिसके करोड़ो शिकार हो सकते है। इस वायरस से आज विश्व में अपने आप को सर्वशक्तिमान समझने वाला देश अमेरीका भी इस तरह के उभरते परिवेश से भयभीत हो चला है। इससे पूर्व विश्व स्तर पर स्वाइन फल्यू, बर्ड फ्लू जैसे कई तरह के अनेक वायरस आये पर इस तरीके से आज तक लोगों को भयभीत नहीं कर पाये जिस तरीके से आज कोराना अपना खौफ विश्व स्तर पर पैदा किये हुये है। इस वायरस का सबसे खतरनाक पहलू इसका संक्रामक स्वरूप है। जो प्रभावित व्यक्ति के सम्पर्क में आने वाले हर वस्तु के माध्यम से फैलता जा रहा है। इसी कारण प्रभावित व्यक्ति को भागने के वजाय एक जगह रह कर ईलाज कराने की सलाह दी जा रही है। हर व्यक्ति को एक दूसरे से हाथ नहीं मिलाने, गले नहीं लगाने की सलाह दी जा रही है। अपने को ज्यादा से ज्यादा साफ रखने, गर्म पदार्थ उपयोग करने एवं साबुन से बार -बार हाथ धोने एवं सेनेराइजर के प्रयोग करने की सलाह स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी जा रही है। इस पर रोक लगाने की दिशा में विश्व स्तर पर युद्ध स्तर पर प्रयास करने की प्रक्रिया जारी है। जहां भीड़ वाली जगह पर नियंत्रण, देख रेख विशेष रूप से जारी है। स्कूल कॉलेज फिलहाल बंद कर दिये गये है। इस तरह के उभरते परिवेश का सीधे तौर पर  आर्थिक हालात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता नजर आ रहा है। आज होटल में ठहरने में लोग डरने लगे है। बाहर के सामान को खाने एवं छूने में भयभीत हो चले है। बाजार से सामान गायब होने लगे है। इसका सीधा प्रभाव अर्थव्यवस्था पर पड़ना स्वाभाविक है जिससे महंगाई बढ़ने के आसार बनते जा रहे है।

  भारत भी इस परिवेश से अलग नहीं है। इसकी खौफ से आज यहां के भी होटल, मॉल, बाजार बुरी तरह से प्रभावित हो रहे है। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा है जिससे आर्थिक मंदी के दौर आने का साफ – साफ संकेत मिल रहा है। भारत में विशेष रूप से विदेशों से आये प्रभावित व्यक्ति से कोरोना घिरे घिरे अपनापग पसारता जा रहा है जबकि इसकी रोक थाम के दिशा में अथक प्रयास जारी है। कोरोना को देश में आगे बढ़ने से राकने के लिये बस, रेल सहित अन्य परिवहन संसाधनों को सेनेराइजेशन की प्रक्रिया जारी है। जगह – जगह जांच केन्द्र भी बनाये जा रहे है। भीड़ वाली जगह पर रोक लगाईजा रही है। विदेश से आने वाले हर नागरिक की जांच परख की जा रही है। मॉल,बाजार, स्कूल, कॉलेज बंद कर दिये गये है। इस तरह के उभरते हालात का हमारी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। दुकानों से सामान गायब होने लगे है। कालाबाजारी का स्वरूप उभरता जा रहा है। यदि समय से इस तरह के उभरत्रे हालात पर काबू नहीं पाया गया तो आने वाले समय में हाहाकार मच सकता है। कोरोना का भय तो बना हुआ ही है, इसकी आड़ में आर्थिक गोरखधंघा न पनप पाये इसके लिये अफवाहों पर रोक लगाना बहुत जरूरी है। कोरोना से बचाव के लिये बताये गये तौर तरीके पर अमल करना बहुत जरूरी है। साथ ही इसके नाम से देश में आर्थिक संकट पैदा करने वाले आर्थिक अपराधियों पर भी नकेल रखना भी बहुत जरूरी है।

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