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कोख में कत्ल के आरोप में भाजपा का पूर्व जिलाध्यक्ष व उसकी पत्नी पहुंचे जेल की सलाखों के पीछे

पीसीपीएनडीटी एक्ट में दोषी पाये जाने के तहत दौसा के ​डॉक्टर ​दम्पती को भेजा जेल

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जयपुर/दौसा 31 जनवरी 2019। राजस्थान के इतिहास में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत निचली अदालत में सजा हुए दोषियों को जिला न्यायालय द्वारा दी गई अधिकतम सजा को बरकरार रखते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया। जिला मुख्यालय स्थित तिवाडी अस्पताल की डॉ.निरू तिवाडी व उसके पति डॉ.रतन तिवाड़ी को पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत दोषी मानते हुए न्यायिक मजिस्टे्रट गीता चौधरी ने 3-3 साल की सजा सुनाई थी व 5—5 हजार रूपये का अर्थदंड लगाया था। जिस पर दम्पती ने सजा के विरूद्ध अपील की जिस पर जिला सेशन न्यायाधिश गिरीश कुमार ने गत दिवस खारीज कर दोनों दम्पती को जेल ​भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि डॉ.रतन ​तिवाड़ी भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भी रहे है।

कब ओर किस कार्रवाई में बने दम्पती दोषी:
ज्ञात रहे राष्ट्रीय सहारा चैनल के तात्कालीक पत्रकार श्रीपाल शक्तावत व मीना शर्मा द्वारा किये गये सिटंग ऑपरेशनों के तहत 13 जून 2006 प्रात: 9 बजे सहारा चैनल पर दिखाये गये शीर्षक कोख में कतल नामक समाचार के तहत राजस्थान में 27 केस दर्ज हुए थे जिनमें से एक मात्र केस ऐसा है जिसमें आरोपी दम्पती को लगातार सजा हो रही है।

क्या कहना है राज्य पीसीपीएनडीटी सैल के समुचित प्राद्यिकारी का:—
राज्य समुचित प्राद्यिकारी डॉ. समित शर्मा का कहना है कि राज्य पीसीपीएनडीटी सैल की लिंगल टीम राजस्थान में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत दर्ज सभी केसों की लगातार मॉनिर्टिग व पैरवी कर रही है। शर्मा ने कहां कि आरोपियों को उच्च न्यायालयों में भी सजा बरकरार रखने के लिए लिगल टीम लगातार प्रयासरत रहेगी।

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