आर्थिक संकट में व्यावसायिक शिक्षक

झुंझुनूं। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार 2014-15 से ही  राज्य के विभिन्न राजकीय विद्यालयों में व्यवसायिक प्रशिक्षकों द्वारा कई तरह के कोर्स जैसे फैशन डिजाइनिंग, ब्यूटी पार्लर, आईटी, नर्सिंग, ट्रेवल एंड टूरिज्म आदि का प्रशिक्षण छात्र-छात्राओं को दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने इस कार्य के लिए लगभग 22 अलग-अलग कंपनियों से करार किया हुआ है। कंपनी ही अलग-अलग विद्यालयों में नियमानुसार भर्ती करके कार्मिक नियुक्त करती है जो अस्थाई कर्मचारी होता है। वह उनको निश्चित मानदेय दिया जाता है। कंपनी प्रत्येक माह का मानदेय समसा कार्यालय में जमा करवाती है और समसा कार्यालय कार्मिकों को मानदेय वितरित करता है। इतना सब कुछ होने के बाद भी व्यवसायिक प्रशिक्षकों का मानदेय लगभग 16 माह से भुगतान नहीं किया जा रहा है ऐसे कार्मिक पूरे राजस्थान में 1810 है।
झुंझुनूं जिले में लगभग 26 है। मानदेय के भुगतान नहीं किए जाने के कारण पीडि़त कार्मिकों की आर्थिक स्थिति अत्यंत ही दयनीय होती जा रही है। जेके मोदी राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय झुंझुनूं में कार्यरत व्यावसायिक शिक्षक मुकेश कुमार ने बताया उक्त पीडि़त कार्मिकों को शीघ्र मानदेय भुगतान किया जाए अन्यथा प्रदेश स्तरीय आंदोलन किया जाएगा। व्यावसायिक प्रशिक्षक आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो रहा है। आज व्यावसायिक प्रशिक्षकों की स्थिति गंभीर है।लेकिन विभाग और सरकार का इस पर कोई ध्यान नहीं है। जहां सरकार ने सत्ता में आने से पहले व्यावसायिक प्रशिक्षकों को नियमित करने का सपना दिखाया था। लेकिन वास्तविकता में किसी का एक वर्ष, किसी का 16  माह तो किसी का 18  माह से मानदेय नहीं मिल रहा है। 
आर्थिक संकट में व्यावसायिक शिक्षक