झुंझुनूं में लोकसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी में सर्जिकल स्ट्राइक…. पैराशूट से कूद सकते हैं लेफ्टिनेंट जनरल कटेवा

झुंझुनूं  लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से एक सेवानिवृत ले. जनरल का नाम आते ही कांग्रेस के विभिन्न खेमों में मची खलबली
झुंझुनूं । झुंझुनूं लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी के रूप सेवानिवृत ले. जनरल सतपाल कटेवा का नाम आते ही कांग्रेस खेमे में हलचल मच गई। साथ ही कार्यकर्ताओं में  मायूसी छा गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दबी जुबां कहना है कि जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर लिए गए फीड बैक व सर्वे का कोई मतलब नही है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि कांग्रेस पार्टी को पैरासूट से ही प्रत्याशी उतारना है तो फिर कार्यकर्ताओं को इधर-उधर बुलाकर व प्रशिक्षण के नाम पर पार्टी क्या जाहिर करना चाह रही है।
कांग्रेसी सूत्रों का मानना है कि यह कांग्रेस हाईकमान की ही एक राजनैतिक चाल है, जिसमें स्व. शीशराम ओला की पुत्रवधु डॉ. राजबाला ओला का टिकट काटने का सबसे सही तरीका उन्होंने निकाला है। कांग्रेस हाईकमान ने इससे पहले बृजेन्द्र ओला को मंत्रीमंडल से भी स्थान नही दिया। ओला परिवार से संबंध रखने वाले सेवानिवृत ले.जनरल सतपाल कटेवा का कहना है कि उन्होंने कांग्रेस की टिकट के लिए कोई आवेदन नही किया है और ना ही इसके लिए किसी कांगे्रसी  से संपर्क किया है। कटेवा का कहना है कि उनका परिवार सदा से कांग्रेेसी है, यदि लोकसभा की टिकट के लिए उनसे पार्टी राय लेती है तो वे डॉ. राजबाला ओला को ही टिकट देने के लिए पार्टी से आग्रह करेंगे। कटेवा का कहना है कि वह 40 वर्ष की नौकरी के बाद अब सामाजिक कार्य ही करना चाहते है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि झुंझुनूं लोकसभा क्षेत्र के समस्त कांग्रेसी चाहेंगे तो ही वह पार्टी प्रत्याशी बनने पर विचार करेंगे। कटेवा ने कहा कि उनकी नेता बनने की इच्छा नही है, फिर भी जनता की सेवा के लिए वह तैयार है।
झुंझुनूं लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में प्रमुख दावेदार डॉ. राजबाना ओला व पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ.चन्द्रभान सहित करीब एक दर्जन कांगे्रसी नेता है। राजनैतिक चर्चाओं व मिडिया में ले.जनरल सतपाल कटेवा का नाम आते ही इनके समर्थकों व दावेदारों में खलबली मच गई। रविवार को दिन भर कांग्रेस की टिकट को लेकर राजनैतिक चर्चाओं को दौर ठंड के मौसम में भी काफी गर्म रहा।
कांग्रेसियों का मानना है कि रिटायर्ड ले.जनरल कुंदनसिंह ने भाजपा की टिकट पर 1984 में चुनाव लड़ा। वहीं 2014 में आप पार्टी से ले. जनरल राज काद्यान ने चुनाव लड़ा था। दोनों ही रिटायर्ड जनरल अपनी जमानत भी नही बचा पाये। जबकि पूर्व सांसद स्व.कैप्टन अयूब खान ने जरूर दो बार व सेना के रिटायर स्व. शीशराम ओला ने लोकसभा के चुनाव में चार बार जीत हासिल कर शानदार राजनैतिक पारी खेलने में सफल रहे है। माना जा रहा है कि राजनीती में सफल होना सैनिक मतदाताओं की संख्या पर निर्भर नही करता है, बल्कि उनके कार्यकाल के दौरान आमजन के संपर्क पर ही निर्भर करता है। यह तो वक्त ही बता पाएगा, कि कांग्रेस की टिकट पर कौन प्रत्याशी होगा। लेकिन रविवार को रिटार्यड ले. जनरल सतपाल कटेवा का नाम आते ही कांग्रेसियों की धडक़ने तेज जरूर हो गई।
झुंझुनूं में लोकसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस पार्टी में सर्जिकल स्ट्राइकझुंझुनूं लोकसभा चुनाव में भाजपा व कांग्रेस पार्टी इनको उतारेगी चुनावी मैदान मेंपैराशूट से कूद सकते हैं लेफ्टिनेंट जनरल कटेवा